पर्यटक स्थल दर्जीनिया बना खजाना ,पर्यटक लौटे निराश



क्रासर–जहा हजारों की टिकट कटती थी, वहा आज छः टिकट कट रही

निचलौल(महराजगंज)पड़ोसी देश नेपाल से सटे 10 किमी नजदीक स्थित दर्जिनिया ताल जहा लगती थीं हजारों की भीड़ जहा दूर दूर से आते रहे पर्यटक को कम रुपए की टिकट से पर्यटको की इंजाय का एक दिशा मिला था। लगभग अस्सी लाख रुपए खर्च कर एक पर्यटन स्थल बनाया गया जो लोगो में चर्चा का विषय बन गया। पर्यटक परिवार बच्चों एवम साथियों के साथ मगरमच्छ देखते ।जिससे अन्य लोग भी जाने की जिज्ञासा बनाते ।


क्रासर–टिकट की रुपए बढ़ा विरान हुआ दर्जीनिया स्थल
टिकट 10 रुपए से बढ़ा कर 50 रूपए किया गया तो आसू बहा दर्जीनिया स्थल विरान पढ़ा। शीत काल में मगरमच्छों को देखने के लिए लाइनों की कतार लगी रहती । तो टिकट की कीमत चार गुना वृद्धि होने से पर्यटक निराश होकर वापस लैट रहे। जर्नलिस्ट क्रांति मीडिया न्यूज़ के जमीनी पढ़ताल दर्जिनिया ताल पहुंची इंट्री गेट पर पड़ोसी देश नेपाल से आए पर्यटक टिकट की रेट सुनकर निराश हो गए उन्होने नराजगी जताते हुए कहा की वहा ऐसा क्या है व्यवस्था देखने वाला जो चार गुना टिकट का दाम बढ़ा दिया गया इस बात को लेकर बहस कर बापस लौट गए। कुछ दर्शको का कहना है कि वह किसी प्रकार टिकट लेकर अंदर गया। वहां सुनसान दिखा सुविधा के नाम पर कुछ भी नहीं दिखा पर्यटन स्थल के नाम पर वसूली की जा रही।

क्रासर– सुविधा से विहीन पढ़ा दर्जीनीय ताल
पर्यटक शिव प्रताप सिंह ने नराजगी जताते हुआ कहा की सुविधा विहीन है ना कोई चहल पहल ना ही किसी प्रकार का खाने पीने का दुकान अकेले सुनसान सा लग रहा
यही समय है जहा हजारों की भीड़ लगी रहती थीं
आक्रोस संभू ने कहा की हम बेरोजगारों के लिए एक आस लगा की पर्यटको के लिए कुछ खाने पीने का समान बेचकर अपना और अपने परिवार का जीवन यापन कर लेगे लेकिन अब हम सभी का आसा टूट गया लगभग आधा दर्जन दुकानदारों का बिजनेश टूट गया।
पड़ोसी देश नेपाली से आय मनऊआर अंसारी ने कहा पिछले साल इस समय आए तो दस रूपए का टिकट लगा था एक साल में चार गुना बढ़ गया क्या सुविधा उपलब्ध हुआ है जो टिकट का रेत बढ़ाया गया।

कार्तिकेय मिश्र – संवाददाता महराजगंज

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